एसआईआर और वोट चोरी के विरोध में साझा नागरिक मंच ने किया पथसभा

जमशेदपुर, 8 सितंबर : जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर साझा नागरिक मंच द्वारा सोमवार की शाम वोट चोरी और एसआईआर के विरोध में एकजुट प्रदर्शन सह नुक्कड़ सभा का आयोजन किया। मौके पर सियाशरण शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के द्वारा बिहार में स्पेशल इन्टेनसिव रिवीजन के जरिए 65 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। विदेशी घुसपैठियों को हटाने तथा मतदाता सूची की अन्य गडबड़ियों को ठीक करने के नाम पर चुनाव आयोग ने एसआईआर लाया है।
असल में इसका उद्देश्य बड़े-पैमाने पर गरीब और मेहनतकशों का नाम हटाकर उन्हें वोटाधिकार से वंचित करना था। वैसे लोग भाजपा को आम तौर पर वोट नहीं डालते हैं। समाज में वैसे वर्चस्ववादी आज भी हैं जो सर्व बालिग मताधिकार को गलत मानते हैं। ऐसे लोग ही एसआईआर प्रक्रिया को सही मान सकते हैं। इन्हें छांटने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ ऐसे दस्तावेज मांगे जिनमें आधार कार्ड और राशन कार्ड नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आधार कार्ड जोड़ा गया। इससे कुछ राहत मिली। फिर भी इस प्रक्रिया में अनेक बड़ी गड़बड़ियां हैं।
साझा नागरिक मंच की मांग है कि एसआईआर पर रोक लगे, सत्ता पक्ष के दखल से मुक्त चुनाव आयोग का गठन हो, लोकसभा के अध्यक्ष, प्रतिपक्ष के नेता तथा उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पैनल चुनाव आयोग का गठन करे। उसी कड़ी में आज की नुक्कड सभा हुई। इस सभा को मंथन, रामकविन्द्र सिंह, रईस अफरीदी, सुजय राय, अरविंद रविकर, सुखचंद्र झा, अभिषेक कुमार आदि ने संबोधित किया। वहीं काशीनाथ प्रजापति ने गीत गाया और अशोक शुभदर्शी, शैलेन्द्र कुमार अस्थाना, ज्योत्सना अस्थाना, काशीनाथ प्रजापति, उदय हयात, वरुण प्रभात, आदि ने जनतांत्रिक और प्रगतिशील कविताएं प्रस्तुत की।



