स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त हुए उपायुक्त, 15 दिनों में स्टॉक सत्यापन का निर्देश

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टेली-कंसल्टेशन में शून्य लॉगिन वाले चिकित्सकों के वेतन पर रोक, बिना उचित कारण अनुपस्थित कर्मियों के वेतन में होगी कटौती

सरायकेला, 22 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और अपने दायित्वों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध दवाओं, जांच किट एवं अन्य सामग्रियों के स्टॉक का संबंधित रजिस्टर से मिलान कर अभिलेखों को अद्यतन करने का निर्देश दिया। साथ ही, स्टॉक और अभिलेखों का सत्यापन कर 15 दिनों के भीतर संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र जमा करने को कहा, ताकि संसाधनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

बैठक में बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बिना वैध कारण अनुपस्थित पाए जाने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में नियमानुसार कटौती करने का निर्देश दिया। वहीं, टेली-कंसल्टेशन सेवा में जिन चिकित्सकों की लॉगिन रिपोर्ट शून्य पाई गई है, उनके वेतन निकासी पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के लिए टेली-कंसल्टेशन सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

टीबी, मलेरिया और फाइलेरिया की रोकथाम पर जोर

टीबी, मलेरिया एवं फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने चिह्नित गांवों और टोलों में सपरिवार जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जांच के दौरान बीमारी से ग्रसित मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय भाषा में लोगों को बीमारियों के लक्षण, संक्रमण और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।

बैठक में नियमित टीकाकरण, स्तनपान और पोषणयुक्त आहार के महत्व के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्वास्थ्य केंद्रों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बाडा समेत सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू एवं अन्य संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।

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