चांडिल स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से भटके हुए नाबालिग को सुरक्षित बचाया गया

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चांडिल स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से भटके हुए नाबालिग को सुरक्षित बचाया गया

ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ का सराहनीय कार्य

चांडिल, 14 जुलाई : चांडिल रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ पोस्ट चांडिल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और सतर्कता का परिचय देते हुए एक भटके हुए नाबालिग बालक को सुरक्षित बचाया। यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत की गई।

घटना सोमवार सुबह की है, जब स्टेशन परिसर में शिफ्ट ड्यूटी पर तैनात स्टेशन स्टाफ के साथ एक आरपीएफ अधिकारी नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सुबह लगभग 8:45 बजे प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर एक 12 वर्षीय बालक को अकेले बैठा और रोते हुए देखा।

पूछताछ करने पर बच्चे ने अपना नाम मंगल कुमार, उम्र लगभग 12 वर्ष, पिता का नाम मनोज दास, निवासी लाहाकोठी, कांड्रा, थाना कांड्रा, जिला सरायकेला-खरसावां (झारखंड) बताया। वह अपने माता-पिता के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया और लगातार रोता रहा। बाद में उसने अपने माता-पिता के मोबाइल नंबर साझा किए।

आरपीएफ द्वारा की गई आगे की जांच में यह पता चला कि उक्त बालक चांडिल के एक गैरेज में काम करता था और अपने घर कांड्रा लौटने के लिए स्टेशन आया था, लेकिन रास्ता भटक गया।

इसके बाद बालक को आरपीएफ पोस्ट चांडिल लाया गया, जहां उसे एक मैत्रीपूर्ण वातावरण में सुरक्षित रखा गया। बच्चे के माता-पिता से संपर्क किया गया और उसकी पहचान की पुष्टि की गई।

बाद में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत उक्त नाबालिग को चाइल्ड हेल्पलाइन, सरायकेला-खरसावां के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की सराहना की है।

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