जमशेदपुर : मरीन ड्राइव पर 55 की रफ्तार पार की तो घर पहुंचेगा ऑनलाइन चालान, हाई स्पीड इंटरसेप्टर से होगी निगरानी
जमशेदपुर, 30 सितंबर : सोनारी के मरीन ड्राइव रोड पर अब तेज रफ्तार वाहन चालकों पर ट्रैफिक पुलिस की पैनी नजर रहेगी। निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वालों की निगरानी हाई स्पीड इंटरसेप्टर और स्पीड गन के जरिए शुरू कर दी गई है। मरीन ड्राइव पर 55 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार में वाहन चलाने पर कैमरे में तस्वीर कैद होगी और नियमानुसार ऑनलाइन चालान वाहन मालिक के घर पहुंच सकता है।
मरीन ड्राइव में हाल में हुए सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी समेत चार छात्रों की मौत के बाद जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर सक्रिय है। शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अब तेज रफ्तार वाहनों की भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने मरीन ड्राइव क्षेत्र से हाई स्पीड इंटरसेप्टर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस के पास दो हाई स्पीड गन हैं। इनमें से एक को एनएच-33 पर लगाया गया है, जबकि दूसरी से मरीन ड्राइव क्षेत्र में वाहनों की गति पर नजर रखी जा रही है।
तय सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने वालों की तस्वीर और वाहन की गति रिकॉर्ड की जाएगी। इसके आधार पर नियमानुसार ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अभियान का उद्देश्य तेज रफ्तार पर नियंत्रण के साथ सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने वाहन चालकों से अपील की है कि मरीन ड्राइव पर 55 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से वाहन न चलाएं। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हर समय हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की। उनका कहना है कि सड़क पर सावधानी और यातायात नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।



