नो-मैपिंग और विसंगतियों वाले मतदाताओं का होगा सत्यापन, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे संपर्क

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नो-मैपिंग और विसंगतियों वाले मतदाताओं का होगा सत्यापन, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे संपर्क

जमशेदपुर, 30 सितंबर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मतदाता सूची में नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से संबंधित मामलों की जानकारी साझा की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबंधित डेटा उपलब्ध कराते हुए पात्र मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि नो-मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

बैठक में सभी मतदान केंद्रों के वैसे मतदाताओं की बूथवार सूची भी साझा की गई, जिन्हें विभिन्न विसंगतियों अथवा पूर्व के एसआईआर से संबंधित नो-मैपिंग के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कई मतदाताओं ने ईआरओ स्तर पर आयोजित सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं। वहीं, कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा था, लेकिन नोटिस की सुनवाई के दौरान किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके।

ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर आउटरीच कार्यक्रम और विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। संबंधित ईआरओ एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा आवश्यकतानुसार उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन या निरीक्षण किया जाएगा। उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाताओं तथा वैसे मतदाताओं के मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया, जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम के सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना SIR-2026 का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के सहयोग और सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने स्तर पर पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की।

बैठक में ईआरओ-सह-एडीसी, एसओआर, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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