CSR मद से आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य और रोजगार परियोजनाओं को मिली प्राथमिकता
सरायकेला, 24 सितंबर : समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में CSR समिति की बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए CSR मद से संचालित होने वाले विभिन्न जनोपयोगी कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही पूर्व की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं व उपकरणों की उपलब्धता, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, खेल विकास और जीविकोपार्जन आधारित परियोजनाओं के लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों को कार्य आवंटित किए गए। उपायुक्त ने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि CSR के तहत होने वाले कार्य स्थानीय जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखकर किए जाएं। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, खेल, कौशल विकास और जीविकोपार्जन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CSR योजनाओं में एक ही प्रकार के कार्य की अनावश्यक पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विभागों और औद्योगिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनहित में करने को कहा गया।
बैठक में सभी औद्योगिक संस्थानों को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, बच्चों के लिए शैक्षणिक एवं खेल सामग्री तथा स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने CSR से स्वीकृत और आवंटित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद उनकी उपयोगिता का भी अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि CSR गतिविधियों का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना तैयार करना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाना होना चाहिए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।



