राशन वितरण, डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) एवं खाद्यान्न उठाव की नियमित निगरानी, लंबित वितरण दो दिनों में पूर्ण करने तथा अगस्त माह के वितरण कार्य में तेजी लाने का निर्देश
सरायकेला, 28 जुलाई : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग/री-टैगिंग, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, नमक वितरण, धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों द्वारा कार्य में समयबद्धता, गुणवत्ता, जवाबदेही एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए तथा तकनीकी अथवा नेटवर्क संबंधी बाधा वाले क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन किया जाए। जिन लाभुकों द्वारा लंबे समय से राशन का उठाव नहीं किया जा रहा है अथवा ई-केवाईसी में सहयोग नहीं किया जा रहा है, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार जांचोपरांत नाम विलोपन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे राशन कार्डधारियों, जिनके पास निर्धारित मानकों के विपरीत भूमि, आयकर (Income Tax), जीएसटी (GST) पंजीकरण अथवा चार पहिया वाहन उपलब्ध हैं तथा जो नियमानुसार अपात्र श्रेणी में आते हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार जांच के उपरांत उनका नाम राशन कार्ड से विलोपित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (MO) को अपनी कार्यशैली में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन के उठाव, वितरण एवं डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) व्यवस्था की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें। साथ ही निलंबित एवं निलंबनमुक्त राशन डीलरों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्यान्न उठाव एवं वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन भी सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नमक सहित सभी खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्रियों की शत-प्रतिशत डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) सुनिश्चित की जाए तथा राशन डीलरों तक खाद्यान्न का समय पर उठाव कराया जाए। सभी लंबित राशन वितरण कार्यों को आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही अगस्त माह के लिए खाद्यान्न उठाव एवं डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी नियमित निगरानी की जाए, ताकि पात्र लाभुकों को बिना किसी विलंब के खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
गोदामों में खाद्यान्न का सुरक्षित एवं मानक अनुरूप भंडारण सुनिश्चित करने के साथ-साथ लंबित राशन वितरण को अविलंब पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त गोदाम एवं बरामदा निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले कार्यों में संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। गुणवत्ता परीक्षण हेतु जिला स्तरीय समिति के माध्यम से नियमित जांच सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए छूटे हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं से आच्छादित करने, ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने तथा शत-प्रतिशत ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, कार्यपालक अभियन्ता भवन निर्माण एवं संबंधित पदाधिकारी, कर्मी उपस्थित थे।