चांडिल : महाप्रभु लौटे अपने धाम, जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजामय हुआ चांडिल
चांडिल, 24 जुलाई : आज महाप्रभु जगन्नाथ जी, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलराम जी के साथ मौसी बाड़ी से अपने धाम लौट आए। चांडिल स्टेशन स्थित मौसी बाड़ी में सर्वप्रथम प्रभु की पूजा अर्चना, सिंगार एवं आरती हुई। इसके बाद तीन अलग अलग रथ पर सवार होकर प्रभु जगन्नाथ जी, माता सुभद्रा और बलराम जी चांडिल स्थित मठिया आश्रम के लिए प्रस्थान किए। रिमझिम बारिश के बीच प्रभु अपने धाम पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। प्रभु को उनके धाम ले जाने के दौरान जय जगन्नाथ का जयघोष होता रहा और इस प्रकार पूरा चांडिल जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजामय हुआ। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता, समाजसेवी मौजूद रहे।
बता दें कि रथयात्रा के दौरान भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा मुख्य मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं। मौसी बाड़ी में आठ दिनों तक विराजमान रहने के बाद बहुड़ा यात्रा के दिन तीनों देवता पुनः अपने मूल मंदिर लौटते हैं। वापसी के इस पर्व को बहुड़ा यात्रा कहा जाता है। इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में रथ खींचकर भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। बहुड़ा यात्रा के बाद सुनाबेश और अधरपाना जैसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होते हैं।
प्रभु अपने धाम में विराजमान होते हैं, जिसके बाद उन्हें और माता लक्ष्मी को मिष्ठान भोग लगाया जाता है और इसी के साथ रथयात्रा का अनुष्ठान संपन्न हो जाता है।