नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो बनाने के मामले में दो दोषियों को सजा, मुख्य आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास – सहयोगी को 5 साल की कैद और जुर्माना

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पुरुलिया, 07 सितंबर : पुरुलिया जिला पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में दो आरोपियों को दोषी साबित कराने में सफलता हासिल की है। आड़सा थाना कांड संख्या 11/24, दिनांक 2 फरवरी 2024 से जुड़े मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी सहदेब मुखर्जी को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा दूसरे आरोपी हरधन मुखर्जी को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

मामला 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, घटना 11 नवंबर 2023 को आड़सा थाना क्षेत्र के सिरिडीह जंगल के पास हुई थी। आरोप है कि सहदेब मुखर्जी ने नाबालिग को रोककर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, जबकि हरधन मुखर्जी ने पूरी घटना को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। आरोपियों ने पीड़िता को घटना के बारे में किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी थी।

घटना के संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद अर्शा थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारी एसआई निखिल प्रताप सिंह के नेतृत्व में मामले की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में विधिसम्मत कार्रवाई पूरी की।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वितीय न्यायालय, पुरुलिया ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

अदालत ने सजा सुनाते हुए सहदेब मुखर्जी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने, जबकि हरधन मुखर्जी को 5 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी।

पुलिस ने कहा कि मामले में हुई यह सजा नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए की गई जांच और अभियोजन की निरंतर कार्रवाई का परिणाम है। न्यायालय के फैसले को नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों में सख्त कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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