कुकड़ू में नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ, महिलाओं ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प

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कुकड़ू, 25 जून : सरायकेला-खरसावां जिले के अति पिछड़े कुकड़ू प्रखंड में झारखंड सरकार के निर्देश पर नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत गुरुवार को कुकड़ू प्रखंड के सिरुम स्थित मध्य विद्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो एवं कुकड़ू प्रखंड प्रमुख प्रतिमा सिंह पातर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सिरुम, पारगामा, जानुम तथा ओड़िया पंचायत के ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

नशा मुक्ति अभियान के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों एवं ग्रामीण महिलाओं ने नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की तथा लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने शपथ लेते हुए अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों एवं बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और समाज में जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि नशा हर वर्ग और समाज के लिए अभिशाप है। यह सामाजिक विकास, पारिवारिक सुख-शांति और आर्थिक उन्नति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, अपराध, सड़क दुर्घटनाएं तथा पारिवारिक कलह जैसी अनेक समस्याओं की जड़ में नशे की प्रवृत्ति शामिल होती है। इसलिए समाज को नशामुक्त बनाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रखंड प्रमुख प्रतिमा सिंह पातर ने भी लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जागरूकता और सहभागिता से ही गांवों में नशे के खिलाफ प्रभावी माहौल तैयार किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग देने तथा अपने-अपने गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के प्रति जनजागरण पैदा करने और स्वस्थ समाज की नींव मजबूत करने पर बल दिया गया।

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