जमशेदपुर/पटमदा, 19 जून : ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। पटमदा और बोड़ाम प्रखंड के कई विद्यालयों में जर्जर भवन, शिक्षकों की कमी तथा बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने उपायुक्त, जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
विश्वनाथ महतो ने कहा कि क्षेत्र के अनेक विद्यालयों की स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से गोबरघूसी पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय कुआरामा का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में विद्यालय भवन का छज्जा गिरने की घटना सामने आई थी, जो शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को दर्शाती है। इसके अलावा मेघादह, लड़ाईडूंगरी, कुकुड़ु, बिड़रा, जामडीह, काटिन लालाडूंगरी और रसिकनगर समेत कई विद्यालयों के भवन मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पटमदा मॉडल इंग्लिश स्कूल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय चौरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघी और प्राथमिक विद्यालय लोवाडीह में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में विद्यालयों में चारदीवारी, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया। विश्वनाथ महतो ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए विद्यालयों की आधारभूत समस्याओं का समाधान जरूरी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले के जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वे कराया जा रहा है और संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी जा रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शीघ्र कदम उठाए जा सकें।