आखिर कब रूकेगी नदियों का चीरहरण, बालू के अवैध उत्खनन पर क्यों चुप है प्रशासन

Manbhum Updates
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जमशेदपुर, 11 अप्रैल : बालू के अवैध खनन रोकने पर प्रशासन के दावे हमेशा से खोखले साबित होते जा रहे हैं। बैठक और गोष्ठियों में बालू खान रोकने को लेकर बना जाने वाले रणनीति भी फेल साबित हो रहे हैं। प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए बालू कारोबारी दिन के उजाले में भी नदी से बालू उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। जमशेदपुर में सुवर्णरेखा और खरकाई नदी से बालू कारोबारी दिन हो या रात बेखौफ होकर अपना काम कर रहे हैं। दिन के उजाले में ही ट्रैक्टर और ट्रकों से बड़ी मात्रा में बालू निकाला जा रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से इसे रोकने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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जमशेदपुर के एमजीएम थाना अंतर्गत कुसतुलिया नदी में भी यही स्थिति है। यहां भी खुलेआम दिन के समय अवैध बालू खनन लगातार चल रहा है। बालू कारोबारी ट्रैक्टरों से ढुलाई भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सब कुछ पुलिस-प्रशासन के सामने हो रहा है, फिर भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे बालू माफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बालू निकाले जाने से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदियों से बेधड़क हो रहे बालू के उत्खनन और परिवहन मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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