सीएम हेमंत सोरेन से मिले पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, JPSC आयु सीमा में छूट समेत कई जनहित मुद्दे उठाए

रांची, 13 फरवरी : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्यहित एवं जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान युवाओं, किसानों, शिक्षकों और क्षेत्रीय विकास से संबंधित विषय प्रमुखता से उठाए गए।
सबसे पहले उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की आगामी वैकेंसी में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विभिन्न कारणों से अवसर नहीं मिल पाया है, ऐसे में आयु सीमा में एकमुश्त छूट देकर सरकार उन्हें न्याय दे सकती है। इससे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले के कई लैप्स (LAPs) केंद्रों पर सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण धान खरीद प्रभावित होने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। श्री षाड़ंगी ने बताया कि तकनीकी समस्याओं की वजह से किसानों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है और भुगतान में भी विलंब हो रहा है। उन्होंने त्वरित तकनीकी सुधार और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो।
विकास के मुद्दे पर उन्होंने भुवनेश्वर की तर्ज पर राज्य से छोटी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की आवश्यकता जताई। साथ ही जमशेदपुर स्थित सोनारी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद एटीआर जैसे छोटे एवं मध्यम आकार के विमानों की नियमित उड़ान शुरू करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे औद्योगिक नगरी जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
नई शिक्षा नीति के तहत अंगीभूत कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने से प्रभावित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने मांग की कि प्रभावित शिक्षकों और कर्मियों को स्थानीय स्तर पर समायोजित कर उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। मुलाकात को राज्य के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



