साइबर अपराध से बचाव को लेकर समाहरणालय में एक दिवसीय कार्यशाला

सरायकेला, 10 फरवरी : सेफर इंटरनेट दिवस के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय सभागार, सरायकेला में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग एवं साइबर अपराध से बचाव को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला का थीम “Smart Tech, Safe Choices: Exploring the Safe and Responsible Use of AI” रहा।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर ठगी की घटना के बाद प्रारंभिक 2 से 3 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है। इस दौरान त्वरित शिकायत दर्ज कराकर ठगी की राशि को सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी ऐप, लॉटरी के नाम पर ठगी, फर्जी कूरियर कॉल, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, ओएलएक्स ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से लोगों को ठग रहे हैं। सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक, कॉल और संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
मौके पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव ने बताया कि कोई भी बैंक फोन या सोशल मीडिया के माध्यम से ओटीपी या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। कार्यशाला में साइबर थाना प्रभारी द्वारा भी सावधानियों की जानकारी दी गई। अंत में उपस्थित कर्मियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलाई गई।



