राँची में ‘शोर के सौदागरों’ पर पुलिस का प्रहार, अस्पतालों की शांति लौटाने चला बुलडोजर

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राँची में ‘शोर के सौदागरों’ पर पुलिस का प्रहार, अस्पतालों की शांति लौटाने चला बुलडोजर

राँची, 31 जनवरी : शहर की सड़कों पर लंबे समय से कान फोड़ू आवाज़ बन चुकी प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ शनिवार को राँची पुलिस ने सख्त संदेश दिया। ट्रैफिक एसपी और ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने शोर फैलाने वाले उपकरणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया।

यह कार्रवाई केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे नागरिकों—खासकर मरीजों और बुजुर्गों—की परेशानी से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल परिसरों और रिहायशी इलाकों में रात के समय तेज आवाज़ वाले साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न लोगों की नींद और मरीजों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं।

अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से 700 से अधिक अवैध साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न जब्त किए थे। इनमें से करीब 250 प्रेशर हॉर्न और लगभग 400 साइलेंसर को सार्वजनिक रूप से बुलडोजर से कुचलकर नष्ट किया गया। इस प्रतीकात्मक लेकिन कड़े कदम के जरिए पुलिस ने साफ कर दिया कि अब शोर मचाकर सड़कों पर दबदबा दिखाने की आदत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी है। खासकर अस्पतालों के आसपास तेज आवाज़ मरीजों की हालत बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि इस अभियान को “शांति और स्वास्थ्य” से जोड़कर देखा जा रहा है।

शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। कई लोगों का कहना है कि अगर ऐसे अभियान नियमित रूप से चलें, तो राँची की सड़कों पर न सिर्फ शोर कम होगा, बल्कि ट्रैफिक अनुशासन भी बेहतर होगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नियम तोड़ने वालों को न सिर्फ जुर्माना, बल्कि उनके उपकरण जब्त कर नष्ट किए जाएंगे।

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