पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में 17 जनवरी को झारखंड बंद, चांडिल अनुमंडल में पूर्ण समर्थन का ऐलान

चांडिल, 16 जनवरी : खूंटी में पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या के विरोध में विभिन्न गैर राजनीतिक सामाजिक संगठनों ने 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इस बंद को चांडिल अनुमंडल स्तर पर पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की गई है। अभियान से जुड़े वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि झारखंड की पारंपरिक पड़हा व्यवस्था और आदिवासी स्वशासन प्रणाली पर सीधा हमला है।
पदाधिकारियों ने कहा कि पड़हा राजा सोमा मुंडा आदिवासी समाज की पारंपरिक न्याय व्यवस्था, संस्कृति और स्वशासन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनकी हत्या से पूरे आदिवासी समाज में आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। यह घटना न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि आदिवासी समाज के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी कटघरे में खड़ा करती है।
सामाजिक नेता सुकलाल पहाड़िया ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार आदिवासी नेतृत्व, पारंपरिक संस्थाओं और स्वशासन व्यवस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आदिवासी समाज की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
विभिन्न समाजिक संगठनो की ओर से सरकार से मांग की गई है कि सोमा मुंडा की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कठोर सजा दी जाए। साथ ही पारंपरिक स्वशासन व्यवस्थाओं की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
अंत में प्रमुख बुद्धिजिवियो और सामाजिक संगठनों ने आम नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज से 17 जनवरी को आहूत झारखंड बंद को शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाने की अपील की है, ताकि सरकार तक यह स्पष्ट संदेश जाए कि आदिवासी समाज अपने सम्मान, परंपरा और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
इन संगठनों ने किया बंद का समर्थन :
आदिवासी भूमिज मुंडा युवा एकता मंच झारखंड दिशोम, झारखंड ग्राम सभा सुरक्षा मंच (झारखंड प्रदेश), आदिम जनजाति विकास समिति चांडिल,
आदिवासी समन्वय समिति चांडिल अनुमंडल,
दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच कोल्हान,
संपूर्ण आदिवासी समाज पंच परगना क्षेत्र
सहित अन्य प्रमुख सामाजिक संगठनों ने बंद के समर्थन में चांडिल अनुमंडलीय बंद का ऐलान किया है।
इस अवसर पर सुकलाल पहाडिया, राधेश्याम भुमिज, महावीर हांसदा, रविद्र सिंह सरदार, राधाकृष्णन सिंह मुंडा, कुड़ूम लाया भूषण पहाड़िया, मंगल पहाड़िया, धिरेन पहाड़िया, सुशेन सिंह सरदार आदि उपस्थित थे।



