सरकारी राशन व्यवस्था पर फिर संकट, गम्हरिया में निलंबित डीलरों को अनाज आपूर्ति का आरोप

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सरकारी राशन व्यवस्था पर फिर संकट, गम्हरिया में निलंबित डीलरों को अनाज आपूर्ति का आरोप

सरायकेला /आदित्यपुर, 10 जनवरी : सरायकेला खरसावां जिले में सरकारी खाद्यान्न व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। गम्हरिया स्थित जेसफसीआई गोदाम में हुए अग्निकांड में सहायक गोदाम प्रबंधक अभिषेक हाजरा और राजू सेनापति के झुलसने के एक वर्ष बाद भी अनाज ढुलाई और वितरण से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब आरटीआई कार्यकर्ता हरिदत्त तिवारी द्वारा जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भेजे गए पत्र ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि गम्हरिया प्रखंड में नवंबर और दिसंबर 2025 के दौरान पीडीएस दुकानदारों को नियमों की अनदेखी कर खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। इसमें ऐसे डीलरों को भी अनाज दिए जाने की बात कही गई है, जिनकी दुकानें पहले से निलंबित थीं या जिनका निबंधन रद्द किया जा चुका था। आरोप है कि इन दुकानों के ई-पॉश मशीन में डिस्पैच दर्ज कर दिया गया, जबकि वास्तव में खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ।

हरिदत्त तिवारी ने चांडिल के डीएसडी अभिकर्ता नवीन कुमार शर्मा, सहायक गोदाम प्रबंधक भुवन महतो और गम्हरिया के प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुनील कुमार चौधरी पर आपसी मिलीभगत से बड़े पैमाने पर धांधली करने का आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार, खाद्यान्न वितरण के समय बोरे का वजन नहीं दिया गया और दुकानों पर तौल किए बिना अनाज पहुंचाया गया। साथ ही राशन डीलरों से कथित रूप से अवैध रोड टोल टैक्स वसूले जाने की भी बात कही गई है।

इसके अलावा, बिना वैध ढुलाई आदेश के खाद्यान्न परिवहन, वाहनों के बीमा, फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच नहीं किए जाने तथा क्षमता से अधिक भार लादने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। आरटीआई कार्यकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच पूरी होने तक नवंबर और दिसंबर 2025 का विपत्र निर्गत न किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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