
फदलोगोड़ा काली मंदिर में श्रीश्री नवचंडी महायज्ञ व रुद्राभिषेक संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

चांडिल : 01 जनवरी : सरायकेला-खरसावां जिले के फदलोगोड़ा स्थित पारडीह काली मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन महंत नागा बाबा दिगंबर शंकरानंद सरस्वती की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीश्री नवचंडी महायज्ञ एवं रुद्राभिषेक सह भंडारा गुरुवार को विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। नववर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का भव्य संगम देखने को मिला।
दशनामी नागा संन्यासी आश्रम श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की इकाई पारडीह काली मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान का नेतृत्व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पारडीह काली मंदिर के श्री महंत विद्यानंद सरस्वती ने किया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी चंडीपाठ, रुद्राभिषेक, हवन एवं विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
अनुष्ठान के दौरान भगवान भोलेनाथ का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। दिनभर भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कार्यक्रम के अनुसार एक जनवरी को सुबह आठ बजे से विधिवत पूजन, चंडीपाठ, हवन एवं महाआरती की गई। इसके उपरांत दोपहर में आयोजित विशाल भंडारे में संत-महात्माओं सहित हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महंत विद्यानंद सरस्वती ने बताया कि आयोजन के तहत 31 दिसंबर को चंडीपाठ सह रुद्राभिषेक तथा एक जनवरी को पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर क्षेत्र के आम और खास के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से साधु-संत एवं श्रद्धालु पारडीह काली मंदिर पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।



