चांडिल में अटल बिहारी बाजपेयी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विचार गोष्ठी आयोजित

चांडिल, 31 दिसंबर : चांडिल स्थित बाबूर बागान में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव के नेतृत्व में भाजपा के शीर्ष पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के व्यक्तित्व एवं उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा उपस्थित रहे। उन्होंने अटल बिहारी बाजपेयी के साथ बिताए गए संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि अटल भले ही एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में आए, लेकिन वे दूरदृष्टि वाले और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले नेता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी यूएनओ में पहली बार हिंदी में भारत का पक्ष रखने वाले नेता थे, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के आग्रह पर वहां पहुंचे थे।
मधु कोड़ा ने कहा कि अटल जी कवि हृदय के व्यक्ति थे, लेकिन देश की सुरक्षा और आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने परमाणु परीक्षण जैसे साहसिक निर्णय लिए। कारगिल युद्ध के समय उन्होंने कड़े फैसले लेकर दुश्मन देश को करारा जवाब दिया।
उनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब छह लाख गांवों को जोड़ा गया तथा देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों का व्यापक जाल बिछाया गया। उन्होंने स्कूली बच्चों के हित में मिड-डे मील योजना की शुरुआत भी की। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल जी के सपनों को आगे बढ़ाते हुए देश को विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ले जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी ने ही झारखंड राज्य की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा कर अलग राज्य का गठन किया। साथ ही आदिवासी समाज के हित में केंद्र सरकार में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना भी उन्हीं की देन है।



