मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट सुधारने के लिए सरायकेला-खरसावां जिले में शुरू की गई विशेष पहल

सरायकेला, 17 नवंबर : मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट सुधारने के लिए और जिले का परीक्षाफल 90 प्रतिशत तक करने के लिए सरायकेला-खरसावां जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विशेष पहल शुरू किया है। इस मुहिम के लिए उन्होंने जिले के शिक्षकों की 16 सदस्य टीम गठित किया है। विषय विशेषज्ञों के द्वारा 10 मॉडल सेटों में प्रश्न पत्र का निर्माण किया जा रहा है। इससे बच्चों की प्रत्येक सप्ताह परीक्षा ली जाएगी और जो कमजोर बच्चे हैं उसको फिर से तैयारी करवाई जाएगी। इस बार सरायकेला-खरसावां जिला का मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट 90 प्रतिशत से ऊपर करने का लक्ष्य रखा गया है।
बनाया जा रहा मौडल प्रश्न पत्र
जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार जिले में अध्ययनरत वर्ग 10 वीं के छात्र-छात्राओं को वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 की तैयारी कराने हेतु मॉडल प्रश्न-पत्रों का निर्माण किया जा रहा है। प्रश्न-पत्र निर्माण हेतु 16 शिक्षक-शिक्षिकाओं और कम्प्यूटर में टंकित (टाइप) करने के लिए 11 कम्प्यूटर ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और कम्प्यूटर ऑपरेटर 14 नवंबर से जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में प्रश्न पत्र तैयार कर रहे हैं। प्रश्न-पत्र का निर्माण सब्जेक्टिव एंड ऑब्जेक्टिव दोनों प्रकार का हो रहा और कम्प्यूटर में टंकित किया जा रहा है।
इनकी हुई प्रतिनियुक्ति
मॉडल प्रश्न-पत्रों का निर्माण के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं में हिंदी विषय के शिक्षक विश्वजीत सतपथी व काशीनाथ कुमार, संस्कृत विषय के विश्वरंजन त्रिपाठी व राशि कमल, जीव विज्ञान विषय के मनोरंजन महतो, विज्ञान विषय के सचिन्द्र महतो, रसायन विज्ञान विषय के बच्चु पाल, गणित विषय के सुब्रतो अधिकारी व प्रशांत कुमार प्रधान, भोतिक विषय के शितम दाश, भूगोल विषय के सौरभ महान्ती, अर्थशास्त्र विषेय के छवि कुमारी, इतिहास विषय के टिंकु रजक, नागरिक शास्त्र विषय के निर्मला कुमारी, अंग्रेजी विषय के शिक्षक प्रवीण रथ व मृणाल कांती दत्ता शामिल हैं। इस कार्य के लिए अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अलका लकड़ा को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।



