सिविल न्यायालय भवन के संभावित स्थानांतरण पर जिला अधिवक्ता संघ का विरोध, आपात बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

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सिविल न्यायालय भवन के संभावित स्थानांतरण पर जिला अधिवक्ता संघ का विरोध, आपात बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

सरायकेला, 16 नवंबर : जिला अधिवक्ता संघ, सरायकेला की एक इमरजेंसी जनरल बॉडी बैठक संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा सिविल न्यायालय भवन के संभावित स्थानांतरण से जुड़ा विषय रहा।

बैठक में संघ के सह सचिव जलेश कवि ने सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त आधिकारिक पत्रों को प्रस्तुत किया, जिससे ज्ञात हुआ कि सिविल न्यायालय भवन को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस जानकारी के सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं—गोलक बिहारी पति, के.पी. दुबे, आशीष पात्र, एच.सी. हजरा, उपाध्यक्ष केदारनाथ अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने प्रस्ताव का जोरदार विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि बिना संघ को विश्वास में लिए इस प्रकार का निर्णय उचित नहीं है।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस विषय पर राज्य के मुख्यमंत्री एवं झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखित आवेदन भेजा जाएगा। साथ ही, अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित अधिकारियों से जल्द मुलाकात कर न्यायालय को वर्तमान परिसर में ही बनाए रखने की मांग करेगा।

RTI से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित स्थानांतरण का प्रमुख कारण बरसात के दौरान न्यायालय परिसर के पीछे जलजमाव बताया गया है। जबकि अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि पिछले दो वर्षों में नगर पंचायत और संबंधित विभागों ने जल निकासी पर लगभग चार से पाँच करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसके बाद अब जलजमाव की समस्या नहीं रह गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय परिसर के आस-पास पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहाँ आवश्यकता पड़ने पर नए भवन का निर्माण आसानी से संभव है। यह स्थान केंद्र में होने के साथ-साथ सुरक्षित भी है और आम जनता के लिए सुविधाजनक पहुँच प्रदान करता है।

बैठक में जीवानंद पांडा, अनिल सारंगी, लखींद्र नायक, राधेश्याम शाह, निर्मला आचार्य, सुनील सिंह, सुशील पोद्दार, आशीष सारंगी, सूरज पूर्ति, राजेश सहाय, नैना पहाड़ी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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