आदिवासी समाज की दहाड़ हक छीनने का प्रयास ना करे कुड़मी समाज, धरना-प्रदर्शन में उमड़े लोग

चांडिल, 08 अक्टूबर : कुड़मी (कुर्मी) जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में बुधवार को आदिवासी सामाजिक संगठन की ओर से चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक परिधान और झंडों के साथ शामिल हुए। आदिवासी पुरुष, महिलाएं और युवा धरना-प्रदर्शन के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत और नारों के माध्यम से कुड़मी समाज के मांग पर अपनी असहमति जताई।

आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुड़मी जाति की मांग वास्तविक आदिवासियों के अधिकारों, आरक्षण और पहचान पर सीधा आघात है। आदिवासी नेताओं ने कहा कि कुड़मी समुदाय ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से आदिवासी नहीं है, इसलिए उन्हें एसटी का दर्जा देना न्यायसंगत नहीं होगा। धरना-प्रदर्शन केक दौरान आदिवासी समाज के नेताओं ने कुड़मी समाज के मांग को अनुचित बताते हुए जमकर दहाड़ते हुए कहा कि कुड़मी समाज आदिवासियों का हक छीनने का प्रयास ना करे।




