आदिवासी एसोसिएशन में हुआ आदिवासियों संगठनों का जुटान, हुई चर्चा

जमशेदपुर, 30 सितंबर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा स्थित आदिवासी एसोसिएशन में मंगलवार को आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पारंपरिक मानकी – मुंडा, माझी परगना महाल, आदिवासी हो समाज , संथाल, मुंडा समाज केंद्रीय समिति, उरांव समाज समिति, भारतीय आदिवासी भूमिज समाज, पहाड़िया समाज, खाड़िया समाज एवं अन्य आदिवासी समुदायों के पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।
मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 9 अक्टूबर को अपना हक, अधिकार को बचाने के लिए उपायुक्त कार्यालय,जमशेदपुर में आदिवासी समाज संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से पारंपरिक औजार, पारंपरिक भेष भूषा में हजारों की संख्या में प्रदर्शन करेंगे।
आदिवासी बचाओ जन आक्रोश महारैली में तीन रूट (कारनडीह, डिमना चौक और बिरसानगर ) से आने वाले आंदोलनकारी आमबगान में एकत्रित हो कर डीसी कार्यलाय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।
मालूम हो की पिछले दिनों महतो /कुड़मी समुदाय द्वारा आदिवासी बनने हेतु आंदोलन कर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। यह सीधे तौर पर आदिवासी/जनजातीय समाज की अस्मिता, अस्तित्व एवं संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ है।
बैठक में मुख्य रूप से दुर्गा चरण मुर्मू, दिनकर कच्छप, सुरा बिरुली, रवि सवैयां, राकेश उरांव, बब्लू खालखो, शुभंकर सिंह, नंदलाल पातर, सीमा कच्छप, शिव चरण सिंह, सोम मुर्मू, दुर्गा बोयपाई, मनीष बानरा, डिबर पुरती, राकेश सिंह, महीन सिंह, हरिपदो सिंह सरदार, हरीश तमसोय, डेमका सोय, सादो बोदरा, शिव चारण बारी, रामु तिर्की, अशोक मुंडा, कैलाश बिरुवा, दीपक कुमार माझी, सुरजू बास्के, विजय सोय, शंकर टूटी, गीता सांडिल, यूद्धिष्ठिर सरदार, रवि सवैयां, चिंटू पुर्ती, जय सिंह भूमिज, सीमा, अजय सिंह जामुदा, राय सिंह बिरुवा, सुनील हेम्ब्रोम, राकेश उरांव, अशोक बिरुवा, शिव चारण कुजूर, कारण उगुरसुंडी, लखन सांडिल, महेश, राम बिरुली, गामा सिंह बोइपाई आदि उपस्थित थे।



