दुर्गा पूजा–दशहरा को लेकर सरायकेला-खरसावाँ प्रशासन सतर्क – डीसी और एसपी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 28 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक नो-एंट्री लागू

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दुर्गा पूजा–दशहरा को लेकर सरायकेला-खरसावाँ प्रशासन सतर्क – डीसी और एसपी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 28 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक नो-एंट्री लागू

सरायकेला, 27 सितंबर : आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को आदित्यपुर स्थित ऑटो क्लस्टर सभागार में उपायुक्त–सह–जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत की उपस्थिति में विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर विस्तार से ब्रीफिंग दी।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी अहम होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने-अपने स्थल पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहें और सोशल मीडिया पर अफवाहों या भ्रामक खबरों पर पैनी निगरानी रखें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात और पार्किंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने पंडाल समितियों को साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार और महिला-पुरुषों के लिए अलग प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। रावण दहन और विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा तय समय, मार्ग और चिन्हित स्थलों पर ही किया जाएगा।

उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि 2 अक्टूबर को ड्राई डे रहेगा और जिले की सभी शराब दुकानों को बंद रखा जाएगा। साथ ही सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि चिन्हित स्थलों पर एम्बुलेंस और चिकित्सा दल सक्रिय मोड में उपलब्ध रहें।

पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता शांति-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा होगी। उन्होंने बताया कि 28 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक विभिन्न क्षेत्रों में नो-एंट्री जोन प्रभावी रहेगा। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर वाणिज्यिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अनावश्यक वाहन पार्किंग और सड़कों पर ठेले-खोमचे लगाने पर भी रोक रहेगी।

एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा समितियों से उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराएँ और गश्ती दल नियमित भ्रमण करते रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समितियों के सहयोग से पर्व को शांति और भाईचारे के माहौल में मनाया जाएगा।

बैठक के अंत में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को आगामी पर्व की शुभकामनाएँ दीं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तत्परता एवं ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया।

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