
गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम से जगी उम्मीद, गरीब परिवारों के बच्चों को मिलेगी निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा
ईचागढ़, 31 अक्टूबर : जन्म से दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत की पहल शुरू हुई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ अभियान में सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के 12 बच्चों को जन्मजात हृदय रोग के संभावित लक्षणों के आधार पर चिह्नित किया गया है। इनमें से चार बच्चों को बेहतर जांच और इलाज के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की पहल पर रांची स्थित रिम्स भेजा गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एचएस मुंडा ने बताया कि झारखंड में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित गरीब परिवारों के बच्चों को निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। डॉ. रवि सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अमृता अस्पताल, कोच्चि के सहयोग से बच्चों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। शेष आठ चिह्नित बच्चों को अगले शिविर में जांच के लिए भेजा जाएगा।
अभियान के तहत बच्चों में जन्म से हृदय में छेद, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, सांस फूलना, जल्दी थक जाना, बार-बार निमोनिया होना, वजन एवं शारीरिक विकास में कमी तथा होंठ और नाखून नीले पड़ने जैसे लक्षणों की जांच की जाएगी।
इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने बच्चों के हृदय रोग की जांच और इलाज कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। मौके पर डॉ. एचएस मुंडा, डॉ. रवि सिंह, डॉ. अनुपम घोषाल, मुचिराम सिंह मुंडा और लक्ष्मी हांसदा उपस्थित थीं।