गैलेक्सी इंगोट प्लांट के बाहर फिर भड़का ग्रामीणों का विरोध, फर्नेस भट्टी हटाने की मांग पर अड़े लोग
चांडिल, 22 जून : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत करनीडीह टोला भुइयांडीह स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में हुए फर्नेस ब्लास्ट के बाद ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में ग्रामीण कंपनी के मुख्य द्वार के समक्ष जुटे और विरोध प्रदर्शन करते हुए फर्नेस भट्टी को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में हुए फर्नेस ब्लास्ट में कंपनी के दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास स्थित कई घरों में दरारें पड़ गईं। साथ ही ब्लास्ट के बाद उड़ी धूल और धुएं से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के निकट आबादी होने के कारण भविष्य में इससे भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और फर्नेस भट्टी को आबादी क्षेत्र से दूर स्थानांतरित करने पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने कंपनी में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और निगरानी की भी मांग उठाई।
स्थिति को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता की। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि ग्रामीणों की मांगों और चिंताओं से कंपनी के मालिक को अवगत करा दिया गया है तथा अंतिम निर्णय कंपनी मालिक स्तर पर लिया जाएगा। इस पर ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे कंपनी मालिक के साथ सीधे बैठक कर अपनी मांगों को विस्तार से रखेंगे।
वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों को उनकी मांगों पर विचार किए जाने संबंधी लिखित आश्वासन भी दिया। इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश लायक भी पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। पूर्व जिला परिषद ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे भी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन एवं कंपनी के मालिक से वार्ता करेंगे।
इसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में किसी भी संभावित हादसे से बचाव के लिए कंपनी प्रबंधन को ठोस एवं स्थायी कदम उठाने होंगे।