चांडिल, 15 अप्रैल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल-कांड्रा मार्ग की जर्जर हालत को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग सड़क पर उतर आए और राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने चांडिल-कांड्रा मार्ग पर आक्रोश रैली निकाली, जो प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन में तब्दील हो गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड मुख्यालय के सामने सड़क जाम कर दी, जिससे करीब ढाई घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अंचलाधिकारी प्रदीप महतो ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क की बदहाल स्थिति से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि खराब सड़क के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोप है कि संवेदक द्वारा आवश्यक स्थानों पर मरम्मत नहीं की गई, जबकि अपेक्षाकृत ठीक हिस्सों पर ही कालीकरण कर कार्य पूरा दिखाने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संवेदक के बीच मिलीभगत के कारण राशि का दुरुपयोग हुआ, जिसके चलते अब दोबारा टेंडर की प्रक्रिया अपनानी पड़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की खस्ताहाल स्थिति के कारण जिला एवं प्रखंड मुख्यालय तक आवागमन मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के साथ उड़ती धूल ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दी है कि यदि मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए स्वयं बेरिकेडिंग करेंगे।