मानसून में सर्पदंश का बढ़ा खतरा, उपायुक्त ने की सावधानी बरतने की अपील

MANBHUM UPDATES
2 Min Read

मानसून में सर्पदंश का बढ़ा खतरा, उपायुक्त ने की सावधानी बरतने की अपील

सरायकेला, 17 जुलाई : मानसून के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों से सतर्कता और जागरूकता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक चिकित्सीय आपात स्थिति है, लेकिन समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल में त्वरित भर्ती से जान बचाई जा सकती है।

उपायुक्त ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में सर्पदंश से बचाव और उपचार को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान आमजन से अपील की गई है कि भ्रम और अफवाहों से दूर रहकर केवल वैज्ञानिक व चिकित्सकीय तरीकों को अपनाएं।

सर्पदंश होने पर क्या करें ये उपाय – पीड़ित व्यक्ति को शांत और स्थिर रखें, साँप से धीरे-धीरे दूरी बनाएं, जिस अंग पर सर्पदंश हुआ हो, उसे हिलने न दें। साथ ही घाव के आसपास पहने आभूषण, कपड़े, घड़ी या जूते तुरंत हटाएं,जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। वहीं, यदि साँस लेने में कठिनाई हो तो पीड़ित को पीठ के बल लिटाकर गर्दन सीधी रखें।

क्या न करें – 

घबराएं नहीं और न ही घाव पर कोई दबाव डालें, साँप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। घाव को काटें, चूसें या उस पर कोई रसायन न लगाएं। कसकर पट्टी न बांधें। झोला छाप इलाज या परंपरागत अप्रमाणित उपायों का सहारा न लें।

बचाव के लिए करें ये उपाय – 

अंधेरे स्थानों पर जाने से पहले टॉर्च का उपयोग करें। खेतों और झाड़ियों में काम करते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। रात्रि में खुले में न सोएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबर 15400 पर तत्काल संपर्क करें।

Share This Article