आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न, उपायुक्त ने दिए कई निर्देश

सरायकेला, 11 सितम्बर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान, चावल दिवस, सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी समेत विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर लाभ पहुँचाना, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के संचालन में लाभुकों की सुविधा और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश :
सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जाए।
पीडीएस डीलरों द्वारा राशन वितरण में मिली शिकायतों की त्वरित जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
सभी राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से कराते हुए आधार और मोबाइल नंबर का सिडिंग कार्य पूर्ण किया जाए।
सत्यापन के बाद अपात्र कार्डधारियों का नाम हटाकर वास्तविक लाभुकों को ही योजनाओं का लाभ दिया जाए।
किसानों को धान विक्रय का भुगतान समयबद्ध रूप से किया जाए तथा द्वितीय किस्त का भुगतान सुनिश्चित हो।
लाभुकों की सुविधा के लिए डीलर टैगिंग और री-टैगिंग की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
कम प्रतिशत में राशन वितरण करने वाले डीलरों को शॉकोज जारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
सभी पात्र लाभुकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए और कार्ड वितरण की गति तेज की जाए।
सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना का वितरण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
गोदाम प्रबंधक बोरियों का मानक अनुरूप व सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें।
जिन डीलरों ने 70% से कम ई-केवाईसी कराया है, उन्हें एक सप्ताह का समय देकर सुधार सुनिश्चित कराया जाए।
जिन धान अधिप्राप्ति गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें शीघ्र हस्तांतरित किया जाए।
सितंबर माह के राशन वितरण की प्रगति की प्रतिदिन निगरानी जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा की जाए।



