PHED की लापरवाही से गहराया पेयजल संकट, संयुक्त निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर तकनीकी खामियां

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5 MLD क्षमता वाले सिस्टम से मात्र 2 MLD जलापूर्ति, वर्षों की अनदेखी और खराब अनुरक्षण पर उठे सवाल

सरायकेला, 18 जून : सरायकेला नगर क्षेत्र में पिछले दिनों उत्पन्न पेयजल संकट के पीछे जलापूर्ति व्यवस्था में व्याप्त गंभीर तकनीकी खामियां और अनुरक्षण की कमी सामने आई है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में नगर पंचायत, JUDCO एवं PHED की संयुक्त टीम द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण कमियां उजागर हुईं।

नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि वे दक्षिण पूर्व रेलवे की ZRUCC बैठक में भाग लेने के लिए कोलकाता गए हुए थे। इसी दौरान जलापूर्ति व्यवस्था में प्रयुक्त मोटर तकनीकी खराबी के कारण जल गई, जिससे नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत ने मामले को प्राथमिकता देते हुए PHED और JUDCO के साथ संयुक्त निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मोटर एवं विद्युत उपकरणों की क्षति के पीछे स्विच पैनल, रिले तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की खराब स्थिति और नियमित अनुरक्षण का अभाव प्रमुख कारण रहा। साथ ही प्लांट संचालन में आवश्यक तकनीकी मानकों का समुचित पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।

क्षमता से आधी जलापूर्ति

संयुक्त टीम की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लगभग 5 MLD क्षमता वाले जलापूर्ति तंत्र से वर्तमान में केवल 2 MLD के आसपास ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे नगरवासियों को अनावश्यक पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह केवल तकनीकी विफलता का मामला नहीं, बल्कि निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दीर्घकालिक और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित WTP स्थानांतरण तथा JUSCO विद्युत कनेक्शन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य अब तक लंबित हैं। संयुक्त टीम ने इन कार्यों में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

निरीक्षण दल ने चिन्हित सभी तकनीकी खामियों और कमियों के संबंध में PHED के कार्यपालक अभियंता को जवाबदेही निर्धारित करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, सुरक्षा उपकरणों की बहाली सुनिश्चित करने, नियमित अनुरक्षण व्यवस्था लागू करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

“जनता को पानी चाहिए, बहाने नहीं” : मनोज चौधरी

नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सेवा में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना नगर पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षों से लंबित संरचनात्मक समस्याओं और तकनीकी खामियों को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा, “जनता को पानी चाहिए, बहाने नहीं। पेयजल संकट के स्थायी समाधान और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नगर पंचायत पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, वार्ड पार्षद गौतम नायक एवं विक्रम मोदक, PHED के सहायक अभियंता ललित कुमार और कनीय अभियंता प्रकाश गुप्ता, JUDCO के नयन मोदक, सिटी मैनेजर सुमित सुमन, महेश जारिका, अभियंता अजय सुंडी, विक्की गोप, समीर रजक, प्रह्लाद साहू सहित अन्य अधिकारी और तकनीकी कर्मी उपस्थित थे।

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