कपाली में पुलिस की निष्क्रियता पर फूटा जनाक्रोश, ग्रामीणों ने खुद पकड़ी मवेशियों से भरी गाड़ी

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वाहन में ठूंस-ठूंस कर ले जाई जा रही थीं गायें, कई की हालत गंभीर, उठे बड़े सवाल

चांडिल, 10 मई : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र में पुलिस की कथित निष्क्रियता के खिलाफ शनिवार रात लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। कमारगोड़ा हरि मंदिर के समीप ग्रामीणों ने एक सफेद रंग की टाटा एलपीटी मालवाहक गाड़ी (JH05CN 9716) को रोककर पकड़ा, जिसमें बड़ी संख्या में मवेशियों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। वाहन के अंदर का दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार रात करीब 8 बजे संदिग्ध वाहन इलाके से गुजर रहा था। ग्रामीणों को शक होने पर जब गाड़ी को रोककर जांच की गई तो अंदर कई गायें बदहवास और गंभीर हालत में मिलीं। कई पशु भूख-प्यास से तड़प रहे थे, जबकि कुछ इतनी कमजोर हो चुकी थीं कि खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मवेशियों को वाहन से नीचे उतारा और उन्हें पानी पिलाकर राहत पहुंचाई।

ग्रामीणों का आरोप है कि कपाली और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से खुलेआम गौ तस्करी का धंधा चल रहा है, लेकिन पुलिस आंख मूंदे बैठी रही। लोगों ने कहा कि कई बार स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, मगर हर बार मामले को गंभीरता से लेने के बजाय खानापूर्ति की गई। यही वजह है कि तस्करों के हौसले लगातार बुलंद होते गए और अब वे बेखौफ होकर रात के अंधेरे में मवेशियों की तस्करी कर रहे हैं।

घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर वाहन क्षेत्र से गुजर रहा था, फिर भी पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनता खुद सड़क पर उतरकर वाहन नहीं पकड़ती, तो यह खेप भी आसानी से निकल जाती।

सूत्रों के अनुसार वाहन चालक को पुलिस ने हिरासत में लेकर कपाली ओपी में पूछताछ शुरू कर दी है। घटना की सूचना मिलते ही कपाली ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को कहां से लाया जा रहा था और किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल वाहन पकड़ने या औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा। लोगों ने मांग की है कि गौ तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो और उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो, जिनकी लापरवाही या कथित संरक्षण के कारण यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। इलाके में इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और लोगों में भारी रोष व्याप्त है।

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