कपाली में लाखों की चोरी, पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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कपाली में लाखों की चोरी, पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

चांडिल, 11 जून : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत हांसाडूंगरी स्थित एक बंद पड़े ईंट भट्टे में हुई लाखों रुपये की चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात चोरों ने बंद पड़े काला ईंट भट्टा को निशाना बनाते हुए मशीनरी के कीमती पार्ट्स, लोहे के उपकरण और अन्य सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, चोरों ने देर रात भट्टे की छत पर लगे टिन को उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और आराम से मशीनों के महत्वपूर्ण हिस्सों को निकालकर फरार हो गए। चोरी की जानकारी तब हुई जब सुबह कर्मचारी भट्टे की देखरेख के लिए पहुंचे। छत क्षतिग्रस्त और मशीनों के कई महत्वपूर्ण सामान गायब मिले।

भट्टा मालिक जाकीर हुसैन ने कपाली ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए चोरी गए सामानों की सूची पुलिस को सौंपी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोरी से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी चोरी आखिर पुलिस की नजरों से कैसे बच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में नियमित और प्रभावी पुलिस गश्ती होती तो चोरों के लिए इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना आसान नहीं होता। लोगों का आरोप है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में पुलिस सफल नहीं दिख रही है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की तैयारी की जा रही है।

इधर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बंद पड़े प्रतिष्ठान, गोदाम और औद्योगिक इकाइयां लगातार चोरों के निशाने पर हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों ने क्षेत्र में रात्रि गश्ती बढ़ाने और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस जांच और जल्द खुलासे का दावा कर रही है, लेकिन क्षेत्रवासियों का मानना है कि केवल दावों से नहीं, बल्कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी से ही पुलिस की कार्यक्षमता साबित होगी।

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