जमशेदपुर से भुवनेश्वर-कोलकाता की हवाई सेवा बंद होने का संकट, कुणाल षाड़ंगी ने सीएम से की हस्तक्षेप की मांग

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विधानसभा सत्र के दौरान हेमंत सोरेन से मुलाकात, इंटर की पढ़ाई और झारखंड आंदोलनकारियों के प्रमाण-पत्र का मुद्दा भी उठाया

रांची, 07 अगस्त : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर जमशेदपुर से संचालित हवाई सेवाओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जमशेदपुर (सोनारी) से भुवनेश्वर और कोलकाता के लिए संचालित हवाई सेवाओं को जारी रखने के लिए राज्य सरकार से तत्काल पहल करने का आग्रह किया।

कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS-UDAN) के तहत संचालित इन उड़ानों को केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी बंद होने के कारण अगस्त के अंतिम सप्ताह से इन सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर से हवाई संपर्क बाधित होने का सीधा असर पूर्वी सिंहभूम के साथ पूरे कोल्हान क्षेत्र पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हवाई सेवा बंद होने से यात्रियों के अलावा छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यवसायियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जमशेदपुर देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है और यहां से कोलकाता एवं भुवनेश्वर की सीधी हवाई कनेक्टिविटी का विशेष महत्व है।

कुणाल षाड़ंगी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से वार्ता कर आवश्यक पहल करे, ताकि जमशेदपुर से भुवनेश्वर और कोलकाता की हवाई सेवाएं लगातार जारी रह सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर हवाई संपर्क बेहद जरूरी है।

इंटर की पढ़ाई बंद होने का मुद्दा भी उठाया

मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने के बाद उत्पन्न स्थिति का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रभावित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि समायोजन की प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाण-पत्र देने की मांग

पूर्व विधायक ने झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग से जुड़े मामले को भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा अखबारों में सूची प्रकाशित किए जाने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम जिले के कई चिन्हित आंदोलनकारियों को अब तक प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया है।

प्रमाण-पत्र के अभाव में ऐसे आंदोलनकारी झारखंड आंदोलनकारी पेंशन योजना समेत अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से घाटशिला और गुड़ाबांधा प्रखंड के पात्र आंदोलनकारियों को जल्द प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।

कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि जिन लोगों ने झारखंड आंदोलन में योगदान दिया है, उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुणाल षाड़ंगी द्वारा उठाए गए सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

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