
शिक्षा बजट बढ़ाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शोध में निवेश और अंधविश्वास के खिलाफ कानून बनाने की मांग
चांडिल, 12 सितंबर : देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने, अंधविश्वास और छद्म विज्ञान के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने तथा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर शनिवार को चांडिल में इंडिया मार्च फॉर साइंस का आयोजन किया गया। ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित मार्च में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और विज्ञान प्रेमियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर वैज्ञानिक चेतना के पक्ष में आवाज बुलंद की।
मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन समाज में अंधविश्वास और अवैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित नीतियां लागू करने की मांग की। आयोजकों ने पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत की स्थिति का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई।
वक्ताओं ने शिक्षा नीति और पाठ्यक्रमों में किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, तर्क और आलोचनात्मक चिंतन से जोड़ना जरूरी है। शिक्षा में अंधविश्वास और अप्रमाणित दावों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए तथा संविधान के अनुच्छेद 51ए(एच) में निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के दायित्व को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
आयोजकों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताई और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग की। इसके अलावा केंद्रीय बजट में शिक्षा के लिए कम से कम 10 प्रतिशत और राज्य बजट में 30 प्रतिशत आवंटन, सरकारी स्कूलों में बेहतर विज्ञान प्रयोगशालाएं तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग रखी गई।
रिसर्च के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और शोधार्थियों की फेलोशिप में होने वाली देरी दूर करने की भी मांग की गई। साथ ही डायन प्रथा, मानव बलि, झाड़-फूंक और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले शोषण पर रोक लगाने के लिए देशव्यापी एंटी-ब्लैक-मैजिक कानून बनाने की मांग उठाई गई।
मार्च के समापन पर ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी झारखंड चैप्टर की राज्य सचिव मंडली के सदस्य एवं यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ मैथेमेटिक्स, रांची के रिसर्च स्कॉलर अनंत कुमार महतो ने कहा कि विज्ञान की रक्षा ही हमारे सामूहिक भविष्य की रक्षा है। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विज्ञान शिक्षक जयदीप प्रमाणिक, अमृता महतो, पूजा प्रमाणिक, खुशबू महतो, बुद्धेश्वर कुंभकार, रामनाथ कुंभकार, मनीष महतो, त्रिलोचन महतो, कार्तिक महतो, कुणाल सिंह सरदार समेत अन्य साथियों की भूमिका रही।