
MANBHUM UPDATES, Desk | 04 May
झारखंड की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर में दुमका स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को सरकारी कार्य में बाधा डालने के एक मामले में 1 वर्ष की सजा सुनाई है। यह फैसला करीब 16 साल पुराने मामले में आया है, जिसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी की अदालत में हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2010 का है, जब सूखाड़ की समस्या को लेकर देवघर समाहरणालय का घेराव किया गया था। इस दौरान प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में देवघर नगर थाना कांड संख्या 363/2010 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इस मामले में प्रदीप यादव के अलावा रणधीर सिंह सहित कुल 14 कार्यकर्ताओं को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। आरोप था कि झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा) के कार्यकर्ताओं को केकेएम देवघर स्टेडियम से प्रशासनिक हिरासत से जबरन छुड़ाया गया था, जिससे सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए विधायक प्रदीप यादव को दोषी ठहराया और उन्हें 1 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि, सजा सुनाए जाने के बाद विधायक के अधिवक्ता ने अदालत में अपील बेल याचिका दायर कर दी है। फिलहाल इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह फैसला राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।