खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर मंथन, डीएमएफटी बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मिली प्राथमिकता

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खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर मंथन, डीएमएफटी बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मिली प्राथमिकता

सरायकेला, 05 जून : खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में खनन प्रभावित इलाकों में चल रही योजनाओं की समीक्षा के साथ नई विकास योजनाओं के चयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, शासी परिषद के सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान डीएमएफटी निधि से संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
शासी परिषद में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, कृषि एवं आजीविका संवर्द्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ। खनन प्रभावित क्षेत्रों के सतत विकास को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं के चयन पर भी सहमति बनाने का प्रयास किया गया।
बैठक में परिषद के सदस्यों ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। सदस्यों ने हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, शव वाहनों की संख्या बढ़ाने, बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को पुनः चालू कराने तथा जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाओं, कौशल विकास और आजीविका संवर्द्धन जैसी योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक के अंत में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं के आधार पर आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि डीएमएफटी की राशि का उपयोग पारदर्शी और जनहितकारी तरीके से किया जाए, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाया जा सके।

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