दलमा की ‘रजनी’ ने मनाया अपना 16वाँ जन्मदिन, इंसान और प्रकृति के रिश्ते को किया मजबूत
चांडिल, 07 अक्टूबर : दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी मंगलवार को उत्सव के रंगों में रंगा दिखा, जब यहां की प्रिय हाथिनी रजनी का 16वाँ जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही पूरा परिसर गुब्बारों, पोस्टरों और बैनरों से सजा हुआ था। वनकर्मियों, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और वन अधिकारियों ने मिलकर इस दिन को खास बना दिया।
रजनी के लिए विशेष फल और गन्ने से तैयार विशाल केक काटा गया। बच्चों ने उसे केले, सेब और गन्ने के साथ स्नेह से खिलाया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग और पोस्टर प्रदर्शनियों के माध्यम से हाथियों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि ईचागढ़ की विधायक सबिता महतो ने कहा, “रजनी सिर्फ एक हाथिनी नहीं, बल्कि इंसान और जंगल के बीच भरोसे की मिसाल है। उसका जीवन हमें संवेदनशील बनने और प्रकृति के साथ संतुलन रखने की सीख देता है।”
ज्ञात हो कि रजनी को वर्ष 2010 में ईचागढ़ के एक कुएं से बचाया गया था। उस वक्त वह छोटी सी बछिया थी। दलमा पहुंचने के बाद से वह अभयारण्य की पहचान बन चुकी है। आज रजनी न सिर्फ वन विभाग की प्रिय है, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का भी हिस्सा बन गई है।
रजनी की कहानी हमें याद दिलाती है — जब इंसान प्रकृति से प्रेम करता है, तो जंगल भी मुस्कुराने लगते हैं।