चाईबासा : मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश, सहयोग नहीं करने वाले मुण्डा पर होगी कार्रवाई

चाईबासा, 28 अगस्त : पश्चिमी सिंहभूम उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार ने गुरुवार को जिला समाहरणालय सभागार में भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान की समीक्षा बैठक की।बैठक में बताया गया कि सिंहपोखरिया-झींकपानी के बीच आरओबी-21 के तहत 52 में से 24 हितबद्धों को ₹8.47 करोड़ और केन्दुपोसी-तालाबुरु के बीच आरओबी-30 के तहत 98 में से 11 हितबद्धों को ₹54.32 लाख का भुगतान किया गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सितंबर माह में कैंप लगाकर सभी रैयतों को दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए शेष भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजा के लिए वंशावली प्रमाणन में केवल मुण्डा की अनुशंसा आवश्यक नहीं है। यदि मुण्डा सहयोग नहीं करते हैं तो मुखिया, ग्रामसभा या अन्य वैधानिक प्रक्रिया से सत्यापन कर भुगतान किया जाए। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि दो बार नोटिस देने के बावजूद पंजी-2 की सत्यापित प्रति उपलब्ध नहीं कराने वाले मुण्डा के खिलाफ बर्खास्तगी की अनुशंसा की जाएगी।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि चाईबासा बाईपास परियोजना के अंतर्गत 528 रैयती, 54 सरकारी और 268 अज्ञात प्लॉट चिन्हित हैं, जिनमें अब तक 3 हितबद्धों को ₹68.86 लाख मुआवजा दिया जा चुका है।

बैठक में सहायक समाहर्ता सिद्धांत कुमार, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, भू-अर्जन पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी एवं संबंधित अभियंता उपस्थित थे।


