“भारत रत्न गुरुजी को मिले: झारखंड के जननेता को लेकर उठी सम्मान की प्रबल मांग”

रांची, 5 अगस्त , डेस्क रिपोर्ट – मानभूम अपडेट्स : झारखंड में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद राज्यभर में शोक की लहर है, वहीं अब उन्हें भारत रत्न देने की माँग ने जोर पकड़ लिया है। झारखंड सरकार में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भावुक अपील करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि गुरुजी को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया जाए।
डॉ. अंसारी ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा और संघर्ष को मिलेगा। शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक युग थे। उन्होंने वर्षों तक जल, जंगल और जमीन की रक्षा में संघर्ष किया और आदिवासी समाज को एकजुट कर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
डॉ. अंसारी की इस अपील ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या झारखंड आंदोलन के पुरोधा, जिन्होंने एक नए राज्य की कल्पना को हकीकत में बदला, उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत रत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान का उद्देश्य देश के उन सच्चे जननायकों को पहचान देना है जिन्होंने आमजन के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया, तो शिबू सोरेन निश्चित रूप से उसके हकदार हैं।
गौरतलब है कि गुरुजी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत शोषण और अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने से की थी। वे न केवल झारखंड राज्य के गठन के नायक रहे, बल्कि आदिवासियों की आवाज़ को संसद के गलियारों तक पहुंचाया। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के माध्यम से सामाजिक न्याय की जो मशाल जलाई, वह आज भी जल रही है।
राज्यभर में लोगों के बीच यह भावना है कि गुरुजी का योगदान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, उन्होंने एक पूरे समाज को हक और सम्मान दिलाया। ऐसे में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना झारखंड के लोगों के प्रति देश का कर्तव्य होगा।
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