50 वर्षों से दखल वाली जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, उपायुक्त से न्याय की गुहार

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50 वर्षों से दखल वाली जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, उपायुक्त से न्याय की गुहार

जमशेदपुर, 07 अक्टूबर : बिरसानगर थाना क्षेत्र के हुरलुंग निवासी धर्मू सिंह भूमिज ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कथित रूप से कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगाते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदक ने दावा किया है कि उक्त जमीन पर उनके परिवार का करीब 50 वर्षों से दखल-कब्जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जमीन के दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति की जांच कर उसे सुरक्षित कराने की मांग की है।

उपायुक्त को दिए आवेदन के अनुसार, धर्मू सिंह भूमिज के पिता स्वर्गीय शिवचरण सिंह के नाम से संबंधित जमीन मौजा बिरसानगर, वार्ड संख्या-17, खाता संख्या-55, प्लॉट संख्या-4183 और 4184 में दर्ज है। आवेदन में दोनों भूखंडों का रकबा क्रमशः 0.2170 हेक्टेयर और 0.0530 हेक्टेयर बताया गया है। आवेदक ने यह भी उल्लेख किया है कि जमीन के एक हिस्से पर उनके बड़े चाचा स्वर्गीय लोगेन सिंह, पिता स्वर्गीय लखन भूमिज, का वर्ष 1980 से दखल रहा है।

खेती के बाद मजदूरी करने लगा परिवार

धर्मू सिंह भूमिज के अनुसार, उनका परिवार लंबे समय तक उक्त जमीन पर खेती करता रहा। बाद में आर्थिक परिस्थितियों के कारण परिवार के सदस्यों ने खेती छोड़कर मजदूरी करना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से जमीन की स्थिति बदलने और उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि उक्त जमीन का इस्तेमाल छठ घाट और पार्क के लिए किए जाने की बात कही जा रही है। आवेदक का कहना है कि जमीन उनके पूर्वजों के नाम से संबंधित है और उन्होंने इसे छठ घाट या पार्क के लिए आवंटित नहीं किया है।

सोशल मीडिया पर दावे किए जाने का आरोप

आवेदक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी उक्त जमीन को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जमीन को ऐसे लोगों से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिनका बिरसानगर से संबंध नहीं है।

धर्मू सिंह भूमिज ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 29 जनवरी 2026 को भी उपायुक्त कार्यालय में आवेदन दिया था। अब दोबारा आवेदन देकर उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराने और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

पुराने दस्तावेजों की जांच की मांग

आवेदक ने प्रशासन से जमीन के खतियान, पुराने राजस्व रिकॉर्ड, पूर्व के दस्तावेजों और वास्तविक दखल-कब्जे की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कथित रूप से जमीन पर कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है।

आवेदन के साथ पूर्व में अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित कागजात, उपायुक्त कार्यालय से संबंधित प्रतिवेदन के कागजात तथा खतियान की छायाप्रति संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, जमीन पर कब्जे की कोशिश, छठ घाट अथवा पार्क से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जमीन का वास्तविक स्वामित्व और वर्तमान दखल-कब्जे की स्थिति प्रशासनिक एवं राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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