राज्यपाल से मिले आजसू नेता हरेलाल महतो, चांडिल डैम विस्थापितों के मुद्दे उठाए – सिंहभूम कॉलेज में कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की मांग

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रांची/चांडिल, 03 जुलाई : ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व एनडीए प्रत्याशी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो के नेतृत्व में शुक्रवार को चांडिल डैम विस्थापितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात कर विस्थापितों की वर्षों पुरानी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने चांडिल अनुमंडल स्थित सिंहभूम कॉलेज में चालू शैक्षणिक सत्र से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की भी मांग उठाई।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में हरेलाल महतो ने बताया कि राज्य की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में शामिल स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना के तहत चांडिल डैम के निर्माण के लिए लगभग 42 वर्ष पहले हजारों ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित परिवारों को अपनी पैतृक जमीन, आजीविका, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान तक से वंचित होना पड़ा। उस समय सरकार की ओर से सरकारी नौकरी, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधिकांश वादे आज भी अधूरे हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि चांडिल डैम विस्थापितों की समस्याएं कई बार विधानसभा में भी उठाई गईं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पुनर्वास एवं अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, अनियमितता, भेदभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण पात्र विस्थापितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पात्र विस्थापितों को लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान, समुचित पुनर्वास, रोजगार, कौशल विकास तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। साथ ही पुनर्वास नीति के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने, नियमित विशेष शिविर आयोजित करने और जिला स्तर पर स्थायी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ गठित करने की भी मांग रखी।

हरेलाल महतो ने चांडिल डैम से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में डैम का जलस्तर बढ़ने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के घर-आंगन जलमग्न हो जाते हैं और किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं। इसे देखते हुए चांडिल डैम का जलस्तर 179 आरएल मीटर तक सीमित रखने की मांग की गई।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में हरेलाल महतो ने बताया कि राज्यपाल ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने चांडिल डैम विस्थापितों की समस्याओं को मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागीय मंत्री के समक्ष भेजने का आश्वासन दिया।

मुलाकात के दौरान हरेलाल महतो ने ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी कुड़मालि भाषा में अध्ययन करना चाहते हैं, लेकिन चांडिल अनुमंडल के एकमात्र डिग्री कॉलेज सिंहभूम कॉलेज, चांडिल में इस विषय की पढ़ाई उपलब्ध नहीं है। इसके कारण विद्यार्थियों को अन्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने राज्यपाल से विद्यार्थियों के हित में इसी शैक्षणिक सत्र से सिंहभूम कॉलेज, चांडिल में कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

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