
अपार आईडी निर्माण में धीमी प्रगति पर उपायुक्त नाराज, लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय करने और जरूरत पड़ने पर वेतन रोकने का निर्देश
सरायकेला, 26 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने विद्यालयों से बिना वैध कारण अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने, अपार आईडी निर्माण में तेजी लाने तथा स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और प्रयोगशालाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय करने के साथ आवश्यकतानुसार वेतन निकासी पर रोक लगाने की भी बात कही गई है।
सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विद्यालयवार एवं प्रखंडवार शैक्षणिक प्रगति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और शिक्षण संसाधनों के उपयोग की समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने का निर्देश दिया।
बैठक में अपार आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने को कहा गया। जिन बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड या बैंक खाता नहीं होने के कारण काम लंबित है, उनके दस्तावेज बनवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना वैध कारण विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले, अनधिकृत अवकाश लेने वाले और लंबे समय से स्कूल नहीं आने वाले शिक्षकों को चिह्नित किया जाए। पारा शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में सक्षम प्राधिकार को सूचना देकर कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। गंभीर मामलों में प्रक्रिया पूरी करने के बाद सेवा से बर्खास्तगी के लिए नियमानुसार प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया।
एक शिक्षक वाले विद्यालयों में होगी प्रतिनियोजन की पहल
जिले के वैसे विद्यालयों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं या विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत का आकलन कर आवश्यकतानुसार प्रतिनियोजन की कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और सभी कक्षाओं का नियमित संचालन हो सके।
विद्यार्थियों की कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में सुधारात्मक कदम उठाने, मध्याह्न भोजन और पोशाक सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचाने तथा नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया गया। विद्यालयों में गुरु गोष्ठी आयोजित कर शिक्षकों की समस्याओं, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की प्रगति पर चर्चा करने का निर्देश दिया गया।
दो से तीन दिनों में पूरा होगा भौतिक सत्यापन
उपायुक्त ने सभी सीआरपी को विद्यालयों की आधारभूत संरचना के भौतिक सत्यापन से संबंधित लंबित कार्य आगामी दो से तीन दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में बिजली, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा कमियों को चिह्नित कर दूर करने को कहा गया। विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के लिए संबंधित एमओआईसी के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया।
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा कराने और विद्यार्थियों की विषयवार समझ तथा परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप कार्रवाई करने को कहा गया। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर बनाने का भी निर्देश दिया गया।
खराब उपकरणों की मरम्मत कराएं, संसाधनों का हो उपयोग
बैठक में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि इन सुविधाओं का लाभ सभी विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। जिन विद्यालयों में उपकरण खराब होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहां संबंधित एजेंसी और विभागीय पदाधिकारियों के समन्वय से शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा, व्यावहारिक ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। कक्षाओं में दीवार लेखन और शिक्षण सामग्री का उपयोग करने के साथ विद्यार्थियों में स्वच्छता, अनुशासन, आपसी सहयोग और नैतिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा किशोरी समृद्धि योजना सहित अन्य पात्रता आधारित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किशोरियों तक पहुंचाने के लिए संबंधित बीडीओ और सीडीपीओ के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने सभी बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी और सीआरपी को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर विद्यालयों की निगरानी करने तथा बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित शिक्षक, कर्मी और जिम्मेदार पदाधिकारी की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार सहित सभी बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी और अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



