सरायकेला का ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेला बना आस्था, संस्कृति एवं सनातन परंपरा का अद्भुत संगम

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सरायकेला का ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेला बना आस्था, संस्कृति एवं सनातन परंपरा का अद्भुत संगम

सरायकेला, 21 जुलाई :आज गुंडिचा मंदिर, सरायकेला में आयोजित विपद तारिणी पूजा श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में माताओं एवं महिलाओं ने अपने परिवार के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए श्रद्धापूर्वक व्रत एवं पूजा-अर्चना की।

पूजा के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सरायकेला थाना प्रभारी एवं उनकी पूरी सुरक्षा टीम, श्री जगन्नाथ मेला समिति, सेवायतगण, पुजारियों, स्वयंसेवकों (वालंटियरों), मीडिया प्रतिनिधियों तथा सभी सहयोगी संस्थाओं की सराहनीय भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं भक्तिमय वातावरण सुनिश्चित किया गया। हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन एवं अनुशासित व्यवस्था के कारण सभी श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक एवं श्रद्धाभाव से माँ विपद तारिणी की पूजा-अर्चना एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्री जगन्नाथ मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला का ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेला अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति एवं सनातन परंपरा का विराट महोत्सव बन चुका है। झारखंड की राजधानी रांची के बाद यह राज्य के सबसे प्रमुख एवं प्रसिद्ध धार्मिक मेलों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। सरायकेला की रथयात्रा की धार्मिक परंपराएँ एवं अधिकांश अनुष्ठान श्रीजगन्नाथ पुरी की परंपरा के अनुरूप संपन्न होते हैं, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

उन्होंने बताया कि सरायकेला सहित पूरे कोल्हान, झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन एवं मेला महोत्सव में शामिल होने पहुँच रहे हैं। विश्व की अद्भुत परंपरा के अनुसार महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा प्रतिदिन विभिन्न दिव्य वेश (बेश) में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि मेला परिसर में स्थापित 17 फीट ऊँची भगवान विष्णु के विराट (विश्वरूप) स्वरूप की भव्य प्रतिमा, समुद्र मंथन की जीवंत झांकी, अनंत शय्या पर विराजमान भगवान विष्णु की झांकी तथा अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन झांकियों के माध्यम से धर्म, सत्य, कर्तव्य, सेवा, प्रकृति संरक्षण एवं मानव कल्याण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

इस अवसर पर श्री जगन्नाथ मेला समिति के उपाध्यक्ष गोविंद साहू एवं भोला मोहंती, सचिव छोटेलाल साहू, सांस्कृतिक सचिव रूपेश साहू, तथा मुकेश साहू, दिनेश साहू, पंकज साहू, रितिक साहू, रोशन साहू, निहित साहू, मंगल साहू, कुणाल साहू, मनोज जी, अनूप साहू एवं रितेश ज्योतिषी सहित समिति के सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में श्री जगन्नाथ मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सेवायतगण, पुजारियों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों, मेला समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

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