
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने पशुपालन, मत्स्य पालन और संरक्षित खेती को बढ़ावा देने का दिया निर्देश, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग पर जोर
सरायकेला, 26 अक्टूबर : ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समाज (जेएसएलपीएस) एवं जिला आजीविका समन्वय समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, बैंक ऋण, उद्यमिता विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं को पारंपरिक आजीविका गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय नए व्यवसाय और उद्यमिता के अवसरों से भी जोड़ा जाए। पशुपालन, संरक्षित खेती, मत्स्य पालन सहित कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रुचि रखने वाली महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।
ऋण और वित्तीय सहायता दिलाने पर जोर
बैठक में स्वयं सहायता समूहों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रेडिट लिंकेज से संबंधित लंबित भुगतानों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, दुकान, सेवा इकाई और ऑटो सेवा जैसे व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक पात्र महिलाओं को नियमानुसार मुद्रा ऋण एवं आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग की व्यवस्था मजबूत की जाए। स्थानीय बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप उत्पादों का चयन, उत्पादन और विपणन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
दीदी बगिया और किसान उत्पादक संगठनों की होगी समीक्षा
बैठक में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के माध्यम से क्षेत्रीय संसाधनों और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन कर महिलाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा कृषि आधारित और गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार करने तथा उसके क्रियान्वयन में संबंधित समूहों को सहयोग देने को कहा गया।
उपायुक्त ने दीदी बगिया की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उत्पादक समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के साथ उनके उत्पादन, व्यावसायिक गतिविधियों और टर्नओवर में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया।
विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित विभागों और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को जेएसएलपीएस के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, बाजार संपर्क और उद्यमिता विकास कार्यक्रमों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, योजनाओं की नियमित निगरानी, क्षेत्रीय निरीक्षण और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



