निबंधन विभाग की रिपोर्ट में साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्वतंत्र पंजीकृत संस्था माना, सीजीपीसी की मांग को झटका
जमशेदपुर, 21 अगस्त : साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के स्वतंत्र अस्तित्व और निबंधन को लेकर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ सामने आया है। निबंधन विभाग की संयुक्त जांच रिपोर्ट में साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्वतंत्र और पृथक रूप से पंजीकृत धार्मिक संस्था माना गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद साकची गुरुद्वारा का निबंधन रद्द करने की मांग को बड़ा झटका लगा है।
दरअसल, साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निबंधन संख्या 33/2015-16 को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर निबंधन कार्यालयों के निरीक्षक, कोल्हान प्रमंडल और सहायक निबंधन महानिरीक्षक की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर सुनवाई की गई तथा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों की पड़ताल की गई।

संयुक्त जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, साकची एक स्वतंत्र रूप से निबंधित संस्था है और उसका संविधान एवं उपनियम विधिक रूप से प्रभावी हैं। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी दूसरी संस्था के नियमों के आधार पर साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की वैधानिक स्थिति को चुनौती नहीं दी जा सकती।
प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट को किया सार्वजनिक
बुधवार को साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार निशान सिंह और अधिवक्ता केएम सिंह ने प्रेस वार्ता कर संयुक्त जांच प्रतिवेदन को सार्वजनिक किया। अधिवक्ता केएम सिंह ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच और दोनों पक्षों को सुनने के बाद निबंधन विभाग की रिपोर्ट ने साकची गुरुद्वारा के स्वतंत्र संवैधानिक अस्तित्व की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि यदि सीजीपीसी अपने पुराने नियमों या बाद के संशोधनों को प्रभावी बनाना चाहती है, तो इसके लिए निबंधन विभाग की निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत अपने बाई-लॉ में संशोधन कराना होगा। केवल दावा करने से किसी नियम को स्वतः प्रभावी नहीं माना जा सकता।
संपत्ति विवाद का फैसला सिविल कोर्ट में
जांच रिपोर्ट में संस्था की संपत्तियों और उनके नियंत्रण से जुड़े अधिकारों के विवाद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। ऐसे विवादों के निस्तारण का अधिकार निबंधन विभाग के बजाय सक्षम सिविल कोर्ट के क्षेत्राधिकार में बताया गया है।
‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’
पूरे मामले पर साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने संयुक्त जांच रिपोर्ट को साकची गुरुद्वारा के संघर्ष की जीत बताते हुए इसे पूरे सिख समाज की जीत करार दिया।
संयुक्त जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने स्वतंत्र निबंधन और संवैधानिक अधिकारों को लेकर अपनी स्थिति मजबूत होने का दावा किया है। वहीं, इस रिपोर्ट के बाद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के बीच चल रहे विवाद को लेकर आगे की कानूनी और संगठनात्मक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।




