जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को भेजा पत्र

चांडिल, 16 अक्टूबर : केंद्र और राज्य सरकारों को उनकी जमीन हड़पने की जनविरोधी नीति से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील के साथ ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने गुरुवार को राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से भेजे गए पत्र में संगठन ने कहा है कि विकास के नाम पर खेतीहर जमीनों का अधिग्रहण करने के बजाय देश में किसान समर्थक कृषि नीतियां अपनाने की जरूरत हैं, ताकि देश के किसान जीवन निर्वाह कर सकें। सरायकेला-खरसावां जिला समेत पूरे झारखंड में भी विभिन्न जिला में बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है।
संगठन ने कहा कि चांडिल प्रखंड अंतर्गत कटिया और आसपास के क्ष्त्र में एसएम स्टील द्वारा जमीन जमीन खरीदा जा रहा है। इसके पूर्व नीमडीह क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती योग्य भूमि को खरीद कर रखा गया है। वहां उद्योग लगाने का काम प्रारंभ भी नहीं हुआ और चांडिल में जमीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पत्र में सरायकेला-खरसावां जिला में नीमडीह प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर, आदारडीह, गौरडीह आदि में जबरन जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने, धनबाद में सेल कंपनी द्वारा किए जा रहे जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने और बोकारो जिला में बीपीसीएल द्वारा जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की गई है।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने कहा कि यह सर्वविदित है कि केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों की एकाधिकार पूंजीपति समर्थक नीतियों के कारण किसान, खेतिहर मजदूर और आम जनता भारी संकट और पीड़ा में हैं। हर दिन वे आत्महत्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास जीने का कोई और रास्ता नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारों की भूमि हड़पने की नीति आग में घी डालने का काम कर रही है। विभिन्न राज्यों की सरकारें बहुराष्ट्रीय कंपनियों की चाह को पूरा करने के लिए विकास के नाम पर अंधाधुध जमीन हड़प रही हैं और किसानों और खेतिहर मजदूरों को उनके घर-बार से बेदखल कर रही है।
संगठन ने कहा कि हाल ही में ओडिशा सरकार ने क्योंझर जिले के पटाना ब्लॉक में ग्यारह हजार एकड़ जमीन हड़पने की घोषणा की है। ऐसा करने के लिए उन्हें 16 गांवों को पूरी तरह से तबाह करना होगा। जिससे हजारों लोग बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे। राष्ट्रपति को लिखे पत्र में सरायकेला-खरसावां जिला में जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की गई है। पत्र सौंपने वालों में संगठन के जिलाध्या राधानाथ कुमार, जिला सचिव आशुदेव महतो, भुजंग मछुवा, धनपति गोप, फूलमोनी माझी, रोहिन सिंह सरदार, गणपति सिंह सरदार, धीरेंद्र गौड़ आदि शामिल थे।


