कुड़मी समाज का 20 सितंबर से ‘रेल टेका–डहर छेका’ आंदोलन, SDM ने जारी किए नोटिस, समाज में उबाल
चांडिल, 19 सितंबर : कुड़मी समाज ने 20 सितंबर से ‘रेल टेका–डहर छेका’ नामक अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान किया है। इस आंदोलन के तहत झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में रेल रोको कार्यक्रम चलाया जाएगा। कुड़मी समाज के लोग अलग–अलग रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जोर–शोर से उठाएंगे।
कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन की व्यापकता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। चांडिल अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) ने आंदोलन में सक्रिय कुड़मी समाज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजा है।
धारा 107/116 BNSS के तहत कार्रवाई
SDM द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आंदोलन के दौरान विधि व्यवस्था भंग होने की आशंका है। इसी आधार पर BNSS की धारा 107/116 के तहत नोटिस जारी किया गया है। कुड़मी समाज से जुड़े अनेकों नेताओं और सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे 19 सितंबर को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।
समाज में बढ़ा आक्रोश
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कुड़मी समाज के बीच उबाल देखा जा रहा है। समाज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं और इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश करार दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी दमनात्मक कदम से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
राजनीतिक दलों का मिला समर्थन
कुड़मी समाज के इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। आजसू पार्टी और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने आंदोलन को औपचारिक समर्थन दिया है। वहीं भाजपा समेत अन्य दलों के कुड़मी नेताओं ने भी व्यक्तिगत स्तर पर आंदोलन का समर्थन किया है।
20 सितंबर को ठप हो सकती है रेल सेवाएं
कुड़मी समाज के इस ‘रेल टेका–डहर छेका’ आंदोलन से झारखंड, बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में रेल सेवाएं ठप पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने विधि व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की तैयारी शुरू कर दी है।