प्रकृति उपासना का पर्व करम पर विधि विधान से की गई पूजा-अर्चना

चांडिल, 03 सितंबर : प्रकृति उपासना और भाई बहन के पवित्र प्रेम का पर्व करमा गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर घर के आंगन और अखाड़ा स्थल पर करम डाली स्थापित कर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना किया गया। करम पूजा के लिए बहनों ने निर्जला उपवास रखा और नए और पवित्र वस्त्र पहनकर भाई समेत पूरे परिवार के सुख समृद्धि को खुशहाली के साथ अच्छी फसल के लिए करम राजा से कामना किया। कई स्थानों में पूजा के बाद करम राजा की कथा सुनाई गई। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के अधिकांश गांव में करम पूजा का आयोजन किया गया। पूजा अर्चना के बाद व्रतियों के साथ अन्य महिलाओं ने करम गीतों के साथ नृत्य किया।
करम पूजा के लिए व्रतियों ने एक दिन पूर्व ही नदी और विभिन्न जलाशयों के घाटों से जावा लाकर उसे स्थापित किया था। जावा में विभिन्न प्रकार के अनाज होकर उसे हल्दी पानी से खींचा गया था। वहीं बुधवार को भाइयों ने जंगल से कम डाली लाकर उसे आंगन और आखड़ा में स्थापित किया जहां दोपहर से ही विधिवत पूजा अर्चना शुरू हो गया था। करम पर्व के अवसर पर अनुमंडल क्षेत्र पारंपरिक करम गीतों से गूंजायमान रहा। करम पर्व को लेकर चारों ओर उल्लास का माहौल है।



