चांडिल में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि, झारखंड आंदोलनकारियों ने दी भावभीनी विदाई

चांडिल, 10 अगस्त : झारखंड आंदोलन के महानायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक सदस्य दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज चांडिल में गहरा शोक व्यक्त किया गया। होटल राहुल पैलेस सभागार में आयोजित शोक सभा सह श्रद्धांजलि कार्यक्रम में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए।
इस अवसर पर ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं कार्यक्रम के आयोजक सुखराम हेम्ब्रम ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शिबू सोरेन न केवल एक राजनीतिक नेता थे, बल्कि झारखंड की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले सच्चे जननायक थे। उन्होंने याद करते हुए कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से दिशोम गुरु के साथ काम करने का गौरव पाया है। आंदोलन के कठिन समय में उनका मार्गदर्शन और साहस हम सभी के लिए प्रेरणादायी था।”
ज्ञात हो कि सुखराम हेम्ब्रम पूर्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सक्रिय नेता रह चुके हैं और शिबू सोरेन के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे। राजनीतिक जीवन के दौरान कई महत्वपूर्ण रणनीतियों में दोनों की साझा भूमिका रही, जिसने झारखंड झारखंड मुक्ति मोर्चा की जीत की राह प्रशस्त की।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित आंदोलनकारियों ने भी अपने-अपने संस्मरण साझा किए और कहा कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, बलिदान और न्याय की लड़ाई का प्रतीक है। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस श्रद्धांजलि सभा ने एक बार फिर झारखंड आंदोलन की स्मृतियों को ताजा कर दिया और यह स्पष्ट कर दिया कि दिशोम गुरु की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।



