आजसू पार्टी का संगठन विस्तार, प्रवीण प्रभाकर बने केंद्रीय उपाध्यक्ष दीपक महतो और संजय मेहता को मिली अहम जिम्मेदारी, पार्टी में दिखा उत्साह

रांची, 28 जुलाई : आजसू पार्टी प्रमुख एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने सोमवार को पार्टी के संगठन विस्तार की घोषणा की, जिसमें वरिष्ठ नेता और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर को पार्टी का केंद्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं दीपक महतो को केंद्रीय महासचिव और संजय मेहता को केंद्रीय महासचिव–सह–प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी के प्रधान महासचिव एवं पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने नई नियुक्तियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन को सशक्त और व्यापक बनाने के उद्देश्य से यह विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन में विभिन्न स्तरों पर नई ऊर्जा का संचार हो इसके लिए युवा और अनुभवी नेताओं को साथ जोड़ा गया है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियाँ:
बसंत महतो, कुमुद वर्मा एवं चंद्रशेखर सिंह ‘छोटू’ को केंद्रीय सचिव बनाया गया है। वहीं मुन्नू अख्तर को हजारीबाग जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
युवा एवं छात्र इकाई में भी बदलाव:
संगठन विस्तार के तहत छात्र और युवा इकाई में भी नई नियुक्तियाँ की गई हैं। ऋतुराज शाहदेव को आजसू छात्र संघ का केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मो. कैफ को युवा आजसू का दक्षिणी छोटानागपुर सह प्रभारी तथा संजय साहू को रांची जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधान महासचिव श्री सहिस ने आशा जताई कि इन नियुक्तियों से पार्टी को न केवल सांगठनिक मजबूती मिलेगी, बल्कि नई दिशा और गति भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सभी नए पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर पार्टी को राज्य के कोने-कोने तक मजबूत बनाएंगे।
पार्टी नेताओं ने दी बधाई:
नवनियुक्त पदाधिकारियों को पार्टी के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी, मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष डोमन सिंह मुंडा, प्रधान महासचिव मुकुंद मेहता, हरेलाल महतो, संतोष महतो, श्रीमती यशोदा देवी, रांची जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, सागेन हांसदा, अजय सिंह, टिकैत महतो, इम्तियाज अहमद नज़्मी, उमेश उरांव, संजीव महतो, अजय कुमार, महेश राय और चतुरानन पांडे समेत अनेक नेताओं ने हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
पार्टी में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



